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द्वारकाधीश मंदिर (जगत मंदिर) दर्शन समय

द्वारकाधीश मंदिर सुबह 6:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक और शाम 5:00 बजे से रात 9:30 बजे तक खुला रहता है।

द्वारका, गुजरात · भगवान कृष्ण, द्वारकाधीश (द्वारका के राजा) के रूप में

द्वारकाधीश मंदिर, जिसे जगत मंदिर भी कहते हैं, गुजरात के द्वारका में भगवान कृष्ण को समर्पित है।

दर्शन का समय

कबसमय
सुबह का सत्रसुबह 6:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक
शाम का सत्रशाम 5:00 बजे से रात 9:30 बजे तक

मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट पर मिनट-दर-मिनट समय-सारणी है। अभिषेक पूजा (सुबह 8:00 बजे से 9:00 बजे तक) के दौरान दर्शन बंद रहता है, और भोग के समय बीच-बीच में कुछ मिनट के लिए दर्शन रुकता है। त्योहारों पर समय बदल सकता है।

आरती और पूजा का समय

पूजासमय
मंगला आरतीसुबह 6:30 बजे
मंगला दर्शन शुरूसुबह 7:00 बजे
अभिषेक पूजा (स्नान विधि)सुबह 8:00 बजे
शृंगार दर्शन शुरूसुबह 9:00 बजे
शृंगार आरतीसुबह 10:30 बजे
राजभोग (दर्शन बंद)दोपहर 12:00 बजे
अनोसर (दोपहर के लिए मंदिर बंद)दोपहर 1:00 बजे
उत्थापन (मंदिर फिर खुलता है)शाम 5:00 बजे
संध्या आरतीशाम 7:30 बजे
शयन आरतीरात 8:30 बजे
मंदिर रात के लिए बंदरात 9:30 बजे

यात्रा की जानकारी

प्रवेश शुल्कदर्शन के लिए कोई शुल्क नहीं है; पूजा और सेवा के लिए शुल्क देना होता है।
कपड़े और नियममंदिर की पवित्रता बनाए रखने के लिए शालीन कपड़े पहनना ज़रूरी है। परिसर में कुछ चीज़ें ले जाना मना है।
जाने का अच्छा समयअक्टूबर से फ़रवरी तक मौसम अच्छा रहता है, और इसी समय कई त्योहार भी पड़ते हैं।

कैसे पहुँचें

द्वारका गुजरात के तट पर है और रेल व सड़क से अच्छी तरह जुड़ा है (द्वारका रेलवे स्टेशन)। नज़दीकी बड़े हवाई अड्डे जामनगर और राजकोट हैं। बेट द्वारका द्वीप सड़क और नाव से लगभग 30 किमी दूर है।

द्वारकाधीश मंदिर (जगत मंदिर) से जुड़े सवाल

द्वारकाधीश मंदिर (जगत मंदिर) का दर्शन समय क्या है?

द्वारकाधीश मंदिर सुबह 6:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक और शाम 5:00 बजे से रात 9:30 बजे तक खुला रहता है।

द्वारकाधीश मंदिर (जगत मंदिर) में आरती और पूजा का समय क्या है?

मंगला आरती: सुबह 6:30 बजे; मंगला दर्शन शुरू: सुबह 7:00 बजे; अभिषेक पूजा (स्नान विधि): सुबह 8:00 बजे; शृंगार दर्शन शुरू: सुबह 9:00 बजे; शृंगार आरती: सुबह 10:30 बजे; राजभोग (दर्शन बंद): दोपहर 12:00 बजे; अनोसर (दोपहर के लिए मंदिर बंद): दोपहर 1:00 बजे; उत्थापन (मंदिर फिर खुलता है): शाम 5:00 बजे; संध्या आरती: शाम 7:30 बजे; शयन आरती: रात 8:30 बजे; मंदिर रात के लिए बंद: रात 9:30 बजे।

द्वारकाधीश मंदिर (जगत मंदिर) में प्रवेश शुल्क या दर्शन टिकट कितना है?

दर्शन के लिए कोई शुल्क नहीं है; पूजा और सेवा के लिए शुल्क देना होता है।

द्वारकाधीश मंदिर (जगत मंदिर) में कैसे कपड़े पहनकर जाना चाहिए और क्या साथ ले जा सकते हैं?

मंदिर की पवित्रता बनाए रखने के लिए शालीन कपड़े पहनना ज़रूरी है। परिसर में कुछ चीज़ें ले जाना मना है।

द्वारकाधीश मंदिर (जगत मंदिर) जाने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?

अक्टूबर से फ़रवरी तक मौसम अच्छा रहता है, और इसी समय कई त्योहार भी पड़ते हैं।

द्वारकाधीश मंदिर (जगत मंदिर) कैसे पहुँचें?

द्वारका गुजरात के तट पर है और रेल व सड़क से अच्छी तरह जुड़ा है (द्वारका रेलवे स्टेशन)। नज़दीकी बड़े हवाई अड्डे जामनगर और राजकोट हैं। बेट द्वारका द्वीप सड़क और नाव से लगभग 30 किमी दूर है।

क्या त्योहारों पर द्वारकाधीश मंदिर (जगत मंदिर) का समय बदल जाता है?

हाँ, बदल सकता है। त्योहारों और खास पूजा के दिनों में मंदिर का समय अक्सर बढ़ता, घटता या बदलता है। जाने से पहले मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट या सूचना देख लें।

द्वारकाधीश मंदिर (जगत मंदिर) की यह जानकारी कितनी भरोसेमंद है?

इस जानकारी पर भरोसे का स्तर ऊँचा है। समय की जानकारी मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट और अन्य सार्वजनिक स्रोतों से ली गई है; जहाँ शुल्क की पुष्टि नहीं हो सकी, वहाँ पेज पर यह साफ़ लिखा है। फिर भी जाने से पहले एक बार पुष्टि कर लें।

समय बदल सकता है। पूरी जानकारी और स्रोत English page पर देखें।