जगन्नाथ मंदिर दर्शन समय
जगन्नाथ मंदिर में आम दर्शन सुबह 5:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक और फिर दोपहर 2:00 बजे से रात 9:00 बजे तक होता है, पर बीच-बीच में पूजा के कारण दर्शन कुछ समय के लिए रुकता है।
जगन्नाथ मंदिर पुरी (ओडिशा) में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा का मंदिर है।
दर्शन का समय
| कब | समय |
|---|---|
| सुबह (शुरू से आख़िर तक, बीच में रुकावट के साथ) | सुबह 5:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक |
| दोपहर बाद और शाम (शुरू से आख़िर तक, बीच में रुकावट के साथ) | दोपहर 2:00 बजे से रात 9:00 बजे तक |
मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार दर्शन पूरे दिन लगातार नहीं चलता। मंगला आलती के बाद लगभग सुबह 5:30 बजे से 7:30 बजे तक या सुबह 5:30 बजे से 8:00 बजे तक दर्शन होता है, फिर गोपाल वल्लभ पूजा के दौरान लगभग सवा घंटे रुकता है। उसके बाद लगभग सुबह 11:00 बजे तक और फिर लगभग दोपहर 1:00 बजे तक चलता है। फिर दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:30 बजे तक दर्शन होता है, और अंत में संध्या धूप पूरी होने से चंदन लागी पूरी होने तक, यानी लगभग रात 8:00 बजे से 9:00 बजे तक, दर्शन होता है।
आरती और पूजा का समय
| पूजा | समय |
|---|---|
| द्वारफीटा (द्वार खुलना) | तड़के 4:30 बजे |
| मंगला आलती | सुबह 5:30 बजे |
| मैलम | सुबह 6:00 बजे |
| अबकाश (स्नान) | सुबह 6:30 बजे |
| सूर्य पूजा | सुबह 7:45 बजे |
| गोपाल वल्लभ भोग | सुबह 8:30 बजे |
| सकाल धूप (राजभोग) | सुबह 9:00 बजे से 10:00 बजे तक |
| भोग मंडप | सुबह 11:30 बजे |
| संध्या आलती | शाम 6:00 बजे |
| संध्या धूप | शाम 6:30 बजे से 8:00 बजे तक |
| बडसिंघारा बेश | रात 9:00 बजे से 10:00 बजे तक |
| बडसिंघारा धूप | रात 10:30 बजे से 11:00 बजे तक |
| खटासेज लागी और पहुड़ (देवता विश्राम) | रात 11:30 बजे |
यात्रा की जानकारी
कैसे पहुँचें
मंदिर पुरी रेलवे स्टेशन से लगभग 2.8 किमी और पुरी बस स्टैंड से लगभग 1.9 किमी दूर है; टैक्सी, ऑटो या साइकिल रिक्शा से पहुँचा जा सकता है। नज़दीकी हवाई अड्डा भुवनेश्वर का बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (लगभग 60 किमी) है, सड़क से एक घंटे से कुछ ज़्यादा।
जगन्नाथ मंदिर से जुड़े सवाल
जगन्नाथ मंदिर का दर्शन समय क्या है?
जगन्नाथ मंदिर में आम दर्शन सुबह 5:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक और फिर दोपहर 2:00 बजे से रात 9:00 बजे तक होता है, पर बीच-बीच में पूजा के कारण दर्शन कुछ समय के लिए रुकता है।
जगन्नाथ मंदिर में आरती और पूजा का समय क्या है?
द्वारफीटा (द्वार खुलना): तड़के 4:30 बजे; मंगला आलती: सुबह 5:30 बजे; मैलम: सुबह 6:00 बजे; अबकाश (स्नान): सुबह 6:30 बजे; सूर्य पूजा: सुबह 7:45 बजे; गोपाल वल्लभ भोग: सुबह 8:30 बजे; सकाल धूप (राजभोग): सुबह 9:00 बजे से 10:00 बजे तक; भोग मंडप: सुबह 11:30 बजे; संध्या आलती: शाम 6:00 बजे; संध्या धूप: शाम 6:30 बजे से 8:00 बजे तक; बडसिंघारा बेश: रात 9:00 बजे से 10:00 बजे तक; बडसिंघारा धूप: रात 10:30 बजे से 11:00 बजे तक; खटासेज लागी और पहुड़ (देवता विश्राम): रात 11:30 बजे।
जगन्नाथ मंदिर में प्रवेश शुल्क या दर्शन टिकट कितना है?
प्रवेश शुल्क नहीं है।
जगन्नाथ मंदिर में कैसे कपड़े पहनकर जाना चाहिए और क्या साथ ले जा सकते हैं?
गैर-हिंदुओं को मंदिर के अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं है; वे सिंह द्वार पर पतितपावन की प्रतिमा के दर्शन बाहर से कर सकते हैं। जूते-चप्पल, चमड़े का सामान, मोबाइल फ़ोन और कैमरा अंदर ले जाना मना है (सामान और जूते रखने के निःशुल्क स्टैंड उपलब्ध हैं)। शालीन, पारंपरिक कपड़े पहनकर जाएँ।
जगन्नाथ मंदिर जाने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?
सर्दियाँ (अक्टूबर से फ़रवरी) सबसे आरामदायक हैं। रथ यात्रा (जून-जुलाई) बहुत भव्य होती है, पर भीड़ बहुत ज़्यादा रहती है। शांत दर्शन के लिए मंगला आलती के बाद की सुबह सबसे अच्छी है।
जगन्नाथ मंदिर कैसे पहुँचें?
मंदिर पुरी रेलवे स्टेशन से लगभग 2.8 किमी और पुरी बस स्टैंड से लगभग 1.9 किमी दूर है; टैक्सी, ऑटो या साइकिल रिक्शा से पहुँचा जा सकता है। नज़दीकी हवाई अड्डा भुवनेश्वर का बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (लगभग 60 किमी) है, सड़क से एक घंटे से कुछ ज़्यादा।
क्या त्योहारों पर जगन्नाथ मंदिर का समय बदल जाता है?
हाँ, बदल सकता है। त्योहारों और खास पूजा के दिनों में मंदिर का समय अक्सर बढ़ता, घटता या बदलता है। जाने से पहले मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट या सूचना देख लें।
जगन्नाथ मंदिर की यह जानकारी कितनी भरोसेमंद है?
इस जानकारी पर भरोसे का स्तर ऊँचा है। समय की जानकारी मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट और अन्य सार्वजनिक स्रोतों से ली गई है; जहाँ शुल्क की पुष्टि नहीं हो सकी, वहाँ पेज पर यह साफ़ लिखा है। फिर भी जाने से पहले एक बार पुष्टि कर लें।
समय बदल सकता है। पूरी जानकारी और स्रोत English page पर देखें।