बांके बिहारी मंदिर दर्शन समय
बांके बिहारी मंदिर गर्मियों की समय-सारणी (5 मार्च से 10 नवंबर) में सुबह 7:45 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और शाम 5:30 बजे से रात 9:30 बजे तक खुला रहता है।
बांके बिहारी मंदिर वृंदावन में भगवान कृष्ण के बांके बिहारी रूप का मंदिर है।
दर्शन का समय
| कब | समय |
|---|---|
| सुबह (गर्मी का समय, 5 मार्च से 10 नवंबर) | सुबह 7:45 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक |
| शाम (गर्मी का समय, 5 मार्च से 10 नवंबर) | शाम 5:30 बजे से रात 9:30 बजे तक |
सर्दियों की समय-सारणी इस समय मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट पर नहीं दिख रही है, इसलिए यहाँ नहीं दी गई। मंदिर में पर्दा बीच-बीच में बंद होता रहता है, पर इसके सही समय आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित नहीं हैं।
आरती और पूजा का समय
| पूजा | समय |
|---|---|
| मंदिर खुलता है (सुबह) | सुबह 7:45 बजे |
| शृंगार आरती | सुबह 7:55 बजे |
| भोग (सुबह) | सुबह 11:00 बजे से 11:30 बजे तक |
| आरती और मंदिर बंद (सुबह) | दोपहर 12:00 बजे |
| मंदिर खुलता है (शाम) | शाम 5:30 बजे |
| भोग (शाम) | रात 8:30 बजे से 9:00 बजे तक |
| आरती और मंदिर बंद (शाम) | रात 9:30 बजे |
यात्रा की जानकारी
कैसे पहुँचें
सबसे नज़दीकी बड़ा हवाई अड्डा दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है (लगभग 180 किमी, सड़क से करीब 4 घंटे)। मथुरा जंक्शन (लगभग 14 किमी) यहाँ का सबसे उपयोगी रेलवे स्टेशन है; वृंदावन के अपने स्टेशन पर ट्रेनें सीमित हैं। वृंदावन की पतली गलियों में मंदिर तक साइकिल रिक्शा, ई-रिक्शा और ऑटो चलते हैं।
बांके बिहारी मंदिर से जुड़े सवाल
बांके बिहारी मंदिर का दर्शन समय क्या है?
बांके बिहारी मंदिर गर्मियों की समय-सारणी (5 मार्च से 10 नवंबर) में सुबह 7:45 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और शाम 5:30 बजे से रात 9:30 बजे तक खुला रहता है।
बांके बिहारी मंदिर में आरती और पूजा का समय क्या है?
मंदिर खुलता है (सुबह): सुबह 7:45 बजे; शृंगार आरती: सुबह 7:55 बजे; भोग (सुबह): सुबह 11:00 बजे से 11:30 बजे तक; आरती और मंदिर बंद (सुबह): दोपहर 12:00 बजे; मंदिर खुलता है (शाम): शाम 5:30 बजे; भोग (शाम): रात 8:30 बजे से 9:00 बजे तक; आरती और मंदिर बंद (शाम): रात 9:30 बजे।
बांके बिहारी मंदिर में प्रवेश शुल्क या दर्शन टिकट कितना है?
प्रवेश मुफ़्त है। आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार कोई अलग VIP दर्शन व्यवस्था नहीं है, पर अंदर पहुँचकर आगे की पंक्ति से दर्शन का टिकट मिल सकता है (शुल्क प्रकाशित नहीं)।
क्या बांके बिहारी मंदिर में VIP या विशेष दर्शन मिलता है?
मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार यहाँ कोई अलग VIP दर्शन व्यवस्था नहीं है। पर मंदिर के अंदर पहुँचकर आगे की पंक्ति से दर्शन का टिकट खरीदा जा सकता है; उसका शुल्क प्रकाशित नहीं है।
बांके बिहारी मंदिर में कैसे कपड़े पहनकर जाना चाहिए और क्या साथ ले जा सकते हैं?
सादे और शालीन कपड़े पहनें। मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट के "क्या करें, क्या न करें" पेज के अनुसार जूते-चप्पल, चमड़े का सामान, छाता, मोबाइल फ़ोन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सामान मंदिर परिसर के अंदर और आसपास ले जाना मना है। अंदर फ़ोटो लेना भी मना है।
बांके बिहारी मंदिर जाने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?
शांत दर्शन के लिए कामकाजी दिन और त्योहारों से अलग का समय बेहतर रहता है। बुज़ुर्ग और छोटे बच्चों वाले परिवार भारी भीड़ वाले त्योहारी दिनों से बचें।
बांके बिहारी मंदिर कैसे पहुँचें?
सबसे नज़दीकी बड़ा हवाई अड्डा दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है (लगभग 180 किमी, सड़क से करीब 4 घंटे)। मथुरा जंक्शन (लगभग 14 किमी) यहाँ का सबसे उपयोगी रेलवे स्टेशन है; वृंदावन के अपने स्टेशन पर ट्रेनें सीमित हैं। वृंदावन की पतली गलियों में मंदिर तक साइकिल रिक्शा, ई-रिक्शा और ऑटो चलते हैं।
क्या त्योहारों पर बांके बिहारी मंदिर का समय बदल जाता है?
हाँ, बदल सकता है। त्योहारों और खास पूजा के दिनों में मंदिर का समय अक्सर बढ़ता, घटता या बदलता है। जाने से पहले मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट या सूचना देख लें।
बांके बिहारी मंदिर की यह जानकारी कितनी भरोसेमंद है?
इस जानकारी पर भरोसे का स्तर ऊँचा है। समय की जानकारी मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट और अन्य सार्वजनिक स्रोतों से ली गई है; जहाँ शुल्क की पुष्टि नहीं हो सकी, वहाँ पेज पर यह साफ़ लिखा है। फिर भी जाने से पहले एक बार पुष्टि कर लें।
समय बदल सकता है। पूरी जानकारी और स्रोत English page पर देखें।