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प्रेम मंदिर दर्शन समय

प्रेम मंदिर सातों दिन सुबह 8:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और शाम 4:30 बजे से रात 8:30 बजे तक खुला रहता है।

वृंदावन, उत्तर प्रदेश · भूतल पर राधा-कृष्ण और पहली मंज़िल पर सीता-राम

प्रेम मंदिर वृंदावन में है। भूतल पर राधा-कृष्ण और पहली मंज़िल पर सीता-राम विराजमान हैं।

दर्शन का समय

कबसमय
सुबह का सत्रसुबह 8:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक
शाम का सत्रशाम 4:30 बजे से रात 8:30 बजे तक
म्यूज़िकल और डिजिटल फ़ाउंटेन (जिसे लोग लाइट शो भी कहते हैं)गर्मी (1 अप्रैल से 30 सितंबर): शाम 7:30 बजे से 8:00 बजे तक; सर्दी (1 अक्टूबर से 31 मार्च): शाम 7:00 बजे से 7:30 बजे तक

दोपहर 12:00 बजे पर शयन आरती के बाद द्वार बंद होते हैं और शाम 4:30 बजे पर फिर खुलते हैं। आधिकारिक वेबसाइट इस शाम के शो को सिर्फ़ 'म्यूज़िकल और डिजिटल फ़ाउंटेन' कहती है; अलग से कोई 'लाइट एंड साउंड शो' नहीं बताया गया है।

आरती और पूजा का समय

पूजासमय
सुबह का दर्शन और आरती शुरूसुबह 8:30 बजे
भोग (सुबह)सुबह 11:30 बजे
शयन आरती और द्वार बंद (सुबह)दोपहर 12:00 बजे
शाम की आरती और दर्शन शुरूशाम 4:30 बजे
भोग (शाम)शाम 5:30 बजे
परिक्रमाशाम 7:00 बजे
म्यूज़िकल और डिजिटल फ़ाउंटेन (सर्दी: 1 अक्टूबर से 31 मार्च)शाम 7:00 बजे से 7:30 बजे तक
म्यूज़िकल और डिजिटल फ़ाउंटेन (गर्मी: 1 अप्रैल से 30 सितंबर)शाम 7:30 बजे से 8:00 बजे तक
शयन आरती (शाम)रात 8:10 बजे
द्वार बंद (शाम)रात 8:30 बजे

यात्रा की जानकारी

प्रवेश शुल्कप्रवेश मुफ़्त है।
कपड़े और नियमशालीन कपड़े पहनें। प्रवेश द्वार पर जूते-चप्पल उतारने होते हैं।
जाने का अच्छा समयअक्टूबर से मार्च में जाना अच्छा रहता है। शाम के सत्र में जाएँ, ताकि दर्शन के बाद फ़ाउंटेन और रोशनी भी देख सकें।

कैसे पहुँचें

प्रेम मंदिर भक्तिवेदांत स्वामी मार्ग, रमण रेती, वृंदावन में है, मथुरा से लगभग 12 किमी दूर। मथुरा जंक्शन सबसे नज़दीकी बड़ा रेलवे स्टेशन है। दिल्ली यमुना एक्सप्रेसवे के रास्ते लगभग 150 किमी दूर है और आगरा लगभग 70 किमी।

प्रेम मंदिर से जुड़े सवाल

प्रेम मंदिर का दर्शन समय क्या है?

प्रेम मंदिर सातों दिन सुबह 8:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और शाम 4:30 बजे से रात 8:30 बजे तक खुला रहता है।

प्रेम मंदिर में आरती और पूजा का समय क्या है?

सुबह का दर्शन और आरती शुरू: सुबह 8:30 बजे; भोग (सुबह): सुबह 11:30 बजे; शयन आरती और द्वार बंद (सुबह): दोपहर 12:00 बजे; शाम की आरती और दर्शन शुरू: शाम 4:30 बजे; भोग (शाम): शाम 5:30 बजे; परिक्रमा: शाम 7:00 बजे; म्यूज़िकल और डिजिटल फ़ाउंटेन (सर्दी: 1 अक्टूबर से 31 मार्च): शाम 7:00 बजे से 7:30 बजे तक; म्यूज़िकल और डिजिटल फ़ाउंटेन (गर्मी: 1 अप्रैल से 30 सितंबर): शाम 7:30 बजे से 8:00 बजे तक; शयन आरती (शाम): रात 8:10 बजे; द्वार बंद (शाम): रात 8:30 बजे।

प्रेम मंदिर में प्रवेश शुल्क या दर्शन टिकट कितना है?

प्रवेश मुफ़्त है।

प्रेम मंदिर में कैसे कपड़े पहनकर जाना चाहिए और क्या साथ ले जा सकते हैं?

शालीन कपड़े पहनें। प्रवेश द्वार पर जूते-चप्पल उतारने होते हैं।

प्रेम मंदिर जाने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?

अक्टूबर से मार्च में जाना अच्छा रहता है। शाम के सत्र में जाएँ, ताकि दर्शन के बाद फ़ाउंटेन और रोशनी भी देख सकें।

प्रेम मंदिर कैसे पहुँचें?

प्रेम मंदिर भक्तिवेदांत स्वामी मार्ग, रमण रेती, वृंदावन में है, मथुरा से लगभग 12 किमी दूर। मथुरा जंक्शन सबसे नज़दीकी बड़ा रेलवे स्टेशन है। दिल्ली यमुना एक्सप्रेसवे के रास्ते लगभग 150 किमी दूर है और आगरा लगभग 70 किमी।

क्या त्योहारों पर प्रेम मंदिर का समय बदल जाता है?

हाँ, बदल सकता है। त्योहारों और खास पूजा के दिनों में मंदिर का समय अक्सर बढ़ता, घटता या बदलता है। जाने से पहले मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट या सूचना देख लें।

प्रेम मंदिर की यह जानकारी कितनी भरोसेमंद है?

इस जानकारी पर भरोसे का स्तर ऊँचा है। समय की जानकारी मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट और अन्य सार्वजनिक स्रोतों से ली गई है; जहाँ शुल्क की पुष्टि नहीं हो सकी, वहाँ पेज पर यह साफ़ लिखा है। फिर भी जाने से पहले एक बार पुष्टि कर लें।

समय बदल सकता है। पूरी जानकारी और स्रोत English page पर देखें।