केदारनाथ मंदिर दर्शन समय
केदारनाथ मंदिर यात्रा के मौसम में (लगभग अप्रैल के अंत से नवंबर की शुरुआत तक) खुला रहता है। आम दर्शन लगभग सुबह 7:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक और फिर लगभग शाम 5:00 बजे से रात 8:30 बजे तक होता है।
केदारनाथ मंदिर उत्तराखंड में 3,583 मीटर की ऊँचाई पर भगवान शिव का ज्योतिर्लिंग है।
दर्शन का समय
| कब | समय |
|---|---|
| महाभिषेक के लिए मंदिर खुलना (लगभग) | तड़के 4:00 बजे |
| आम दर्शन (लगभग) | सुबह 7:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक |
| शाम का दर्शन (लगभग) | शाम 5:00 बजे से रात 8:30 बजे तक (शयन आरती लगभग शाम 7:30 बजे से रात 8:30 बजे तक) |
लगभग दोपहर 3:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक मंदिर दोपहर की पूजा-विधियों के लिए बंद रहता है। दोपहर 3:00 बजे से पहले भक्त शिवलिंग को सीधे छू सकते हैं; शाम 5:00 बजे के बाद केवल देखकर दर्शन की अनुमति है। सर्दियों में मंदिर बंद रहता है और पूजा उखीमठ में होती है।
यात्रा की जानकारी
कैसे पहुँचें
सड़क का आख़िरी पड़ाव गौरीकुंड / सोनप्रयाग है, जहाँ ऋषिकेश (लगभग 215 से 243 किमी) या हरिद्वार से पहुँचा जाता है। गौरीकुंड से 16 किमी की चढ़ाई पैदल (6 से 8 घंटे) या फाटा, सिरसी या गुप्तकाशी से हेलीकॉप्टर से होती है। नज़दीकी हवाई अड्डा जॉली ग्रांट, देहरादून (लगभग 250 किमी) और नज़दीकी रेलवे स्टेशन ऋषिकेश है। चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य है।
केदारनाथ मंदिर से जुड़े सवाल
केदारनाथ मंदिर का दर्शन समय क्या है?
केदारनाथ मंदिर यात्रा के मौसम में (लगभग अप्रैल के अंत से नवंबर की शुरुआत तक) खुला रहता है। आम दर्शन लगभग सुबह 7:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक और फिर लगभग शाम 5:00 बजे से रात 8:30 बजे तक होता है।
केदारनाथ मंदिर में प्रवेश शुल्क या दर्शन टिकट कितना है?
आम दर्शन मुफ़्त है। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) की आधिकारिक दर-सूची के अनुसार मंदिर में कराई जाने वाली पूजा ₹850 (पंचोपचार / अष्टोपचार पूजा) से ₹26,000 (पूरे दिन की पूजा) तक है। रुद्राभिषेक ₹6,500 और महाभिषेक ₹8,500 है। पूरी सूची badrinath-kedarnath.gov.in पर देखें।
केदारनाथ मंदिर में कैसे कपड़े पहनकर जाना चाहिए और क्या साथ ले जा सकते हैं?
कोई सख़्त ड्रेस कोड नहीं, पर साफ़ और शालीन पारंपरिक कपड़े पहनकर जाएँ। 3,583 मीटर की ऊँचाई पर गर्म कपड़ों की कई परतें ज़रूरी हैं। गर्भगृह में चमड़े का सामान ले जाने और फ़ोटो खींचने से बचें।
केदारनाथ मंदिर जाने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?
मई-जून और सितंबर-अक्टूबर सबसे अच्छे हैं। मंदिर लगभग अप्रैल के अंत से नवंबर की शुरुआत तक खुलता है। सितंबर में आसमान साफ़ और भीड़ कम रहती है। जुलाई-अगस्त के मानसून में भूस्खलन के कारण जाने से बचें। कतार से बचने के लिए सुबह 7:30 बजे से पहले पहुँचें।
केदारनाथ मंदिर कैसे पहुँचें?
सड़क का आख़िरी पड़ाव गौरीकुंड / सोनप्रयाग है, जहाँ ऋषिकेश (लगभग 215 से 243 किमी) या हरिद्वार से पहुँचा जाता है। गौरीकुंड से 16 किमी की चढ़ाई पैदल (6 से 8 घंटे) या फाटा, सिरसी या गुप्तकाशी से हेलीकॉप्टर से होती है। नज़दीकी हवाई अड्डा जॉली ग्रांट, देहरादून (लगभग 250 किमी) और नज़दीकी रेलवे स्टेशन ऋषिकेश है। चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य है।
क्या त्योहारों पर केदारनाथ मंदिर का समय बदल जाता है?
हाँ, बदल सकता है। त्योहारों और खास पूजा के दिनों में मंदिर का समय अक्सर बढ़ता, घटता या बदलता है। जाने से पहले मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट या सूचना देख लें।
केदारनाथ मंदिर की यह जानकारी कितनी भरोसेमंद है?
इस जानकारी पर भरोसे का स्तर ऊँचा है। समय की जानकारी मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट और अन्य सार्वजनिक स्रोतों से ली गई है; जहाँ शुल्क की पुष्टि नहीं हो सकी, वहाँ पेज पर यह साफ़ लिखा है। फिर भी जाने से पहले एक बार पुष्टि कर लें।
समय बदल सकता है। पूरी जानकारी और स्रोत English page पर देखें।